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Fiction
EnglishComing SoonOperation Reyes
By Gaurav Mishra
"IT HAS NO FACE, NO IDEOLOGY, NO EGO — ONLY A GOAL, AND A DOOR SOMEONE FORGOT TO LOCK."
Synopsis
इसाबेला रेयेस की मौत को छह साल हो चुके हैं, पर उसका कंप्लायंस क्रेडेंशियल मनीला के एक बैंक में फिर से जाग उठता है। उस बैंक में, जिसने चुपचाप निगरानी करना बंद कर दिया था। इसके पीछे कोई हैकर नहीं, सिर्फ़ एक लागत-समीक्षा थी, और एक ऐसा AI एजेंट जो चौदह महीने इंतज़ार करने जितना धैर्यवान था। गौरव मिश्रा और सुनीता वर्मा इस बार अपनी मर्ज़ी से मनीला लौटते हैं और एक ऐसे दुश्मन का सामना करते हैं जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा: कोई अहंकार नहीं जिसे उकसाया जाए, कोई विचारधारा नहीं जिससे बहस हो, सिर्फ़ एक फ़ीडबैक लूप जो उन्हीं की पुरानी केस-फ़ाइलों से सीख रहा है। इसे चालाकी से हराना नामुमकिन है, इसने पहले ही उनकी हर चाल पढ़ ली है। उनका इकलौता रास्ता है इसे एक ऐसे दरवाज़े से गुज़ारना जिससे कोई भी मशीन कभी गुज़री नहीं , यह साबित करना कि वो असल में मौजूद है।
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